घरेलू शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का कारोबारी सत्र राहत लेकर आया। लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद आखिरकार बैल बाजार पर हावी हो गए और दोनों प्रमुख सूचकांकों ने दमदार बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। कहां बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 493.37 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की छलांग लगाकर 76,646.23 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी भी 67 अंकों की मजबूती के साथ 23,938 के आसपास बंद हुआ और एक बार फिर 24,000 के करीब पहुंच गया। दिन के कारोबार में एक समय निफ्टी ने 24,000 का स्तर भी पार कर लिया था, हालांकि बाद में मुनाफावसूली से कुछ बढ़त कम हो गई। यह लगातार चार सत्रों से जारी गिरावट के दौर पर विराम है, जिससे निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। किन शेयरों ने दिखाया दम आज के कारोबार में बजाज फिनसर्व टॉप गेनर बनकर उभरा और शुरुआती कारोबार में ही ढाई फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। इसके अलावा एचसीएल टेक, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति और एशियन पेंट्स जैसे दिग्गज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी बेहतर आय के अनुमानों के चलते करीब 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर बिकवाली का दबाव सीमित रहा, जिससे बाजार की चाल पूरी तरह तेजी की ओर झुकी रही। ब्रॉडर मार्केट और मार्केट ब्रेड्थ भी मजबूत मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जो बताता है कि तेजी सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही बल्कि पूरे बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा। एनएसई पर बढ़त बनाने वाले शेयरों की संख्या घटने वाले शेयरों से कहीं ज्यादा रही, जो बाजार की मजबूत सेहत का संकेत है। तेजी के पीछे की वजह क्या रही वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने घरेलू सेंटिमेंट को सहारा दिया। अमेरिकी बाजारों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर आशंकाओं में कमी आने से वैश्विक इक्विटी बाजारों में तेजी रही, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। इसके अलावा प्रवासी भारतीयों की ओर से रिकॉर्ड निवेश प्रवाह की खबरों ने भी बाजार को सहारा दिया, हालांकि इससे रिजर्व बैंक के सामने विदेशी मुद्रा प्रबंधन को लेकर नई चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं। आगे क्या रहेगा रुख बाजार में यह उछाल भले ही उत्साहजनक हो, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिका-ईरान तनाव और आगामी तिमाही नतीजे आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक अहम प्रतिरोध बना हुआ है, जिसे निर्णायक रूप से पार करना आगे की तेजी के लिए जरूरी होगा। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। आपकी राय जानना चाहेंगे — क्या आपको लगता है कि यह तेजी आगे भी बरकरार रहेगी, या फिर मुनाफावसूली का दौर लौट सकता है? हमें कमेंट में बताएं।